नयें साल के नाम पर शराब नोसी करके सड़क हादसा होना

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴



*🥀 _नयें साल के नाम पर शराब नोसी करके सड़क हादसा होना 🥀_*



✏️ *31 दिसम्बर एक ऐसी रात है जिसमें सारे गुनाह अलन ऐलान होते हैं इसमे हमारे मुस्लिम नौजवान लड़के लड़कियां भी सामिल होते हो जैसे की आपको पहले पोस्ट मे बताया गया है कितनी हराम कारियां इस रात को देखने सुनने को मिलती हैं अब बात करते है बन्दा ईमान पर क़ायम है या नहीं लेकिन गुनाह की हालत मे मौत का भी मज़ा चख लेता है ।*

 *बारहा 31 दिसम्बर की रात में कई सड़क हादसे सुनने मे आते है फलाँ के बच्चे का एक्सीडेंट हो गया इन्तकाल कर गया फलां के बेटे के हाथ पैर टूट गयें फलां की कमर की हड्डी टूट गई वगैरा वगैरा अगर जान बच भी गई फिर भी कुछ लोगों की ज़िन्दगी अपाहिज विकलांग होकर ज़िन्दगी भर गुज़र ती है वह ज़िन्दगी भर दूसरे के मुहताज रहते है, अब सोचने का मक़ाम यहाँ आता है इतना सब किस वज़ह से होता है, तो एक ही जवाब आपके ज़हिन मे आएगा जब बन्दा अय्याशी के नाम पर शराब नोसी करेंगा अपने ज़िस्म के अंदर शराब जेसी हराम चीज़ को दाख़िल करेंगा तो होश मे नहीं मदहोश ही रहेंगा जब मदहोशी और जुनून दोनों मिलतें है तो ऐसे हादसे बारहाँ देखने को मिलते हैं, अल्लाहुअकबर अगर इसी हादसे में मौत अ गई तो हमारे ज़िस्म मे ख़ून में हराम चीज़ शामिल होंगी अल्लाहुअकबर मे तो इतना समझता हूँ और जानता हूँ एक बन्दा ए मोमिन कभी इस हालत में मरने के लिए सोंच कर अपनें किए गुनाहों की माफ़ी तलब करता होंगा और ऐसी मौत से अल्लाह तआला की पनाह लेता होंगा लेकिन केसे हमारे क़ौम के नौजवान है जो हराम चीज़ को फ़ख्र के साथ खातें पीते है और जहन्नम मे जाने का रास्ता रहतीं दुनियाँ मे बनाते है आपने सोंचा कभी*

👉🏻 *आपके वालदैन खुसुसन आपकी वाल्दा को आपके हादसे के बाद कितनी तकलीफ़ होंगी नहीं सोंचा अगर सोचते तो हराम काम से बचते एक माँ अपने बेटे के पैदा होने पर सारी तकलीफ़ को हंस कर सह लेती है विलादत के वक़्त जब एक औरत को तकलीफ़ होतीं है उसका दर्द इतना अलील होता है जितना दर्द एक मर्द की सीने की पस्लिया टूटने पर होतां हैं इससे भी ज़्यादा होता है साइंस के एतवार से के मर्द तो सहिन भी न कर सकें वाह तेरी अज़मत और तेरी हिम्मत माँ ऐसे ही रब तआला ने कदमों मे जन्नत को रख दिया, लेकिन जब उसी माँ की ज़बान औलाद ऐसे हादसे का शिकार होतीं है उस माँ का दर्द का आलम क्या होतां है यह वहीं समझ सकता है जिसके ऊपर बीत गया है हमारे यहाँ भी ऐसे हादसे पैश आए है आपके यहाँ भी आए होंगे जब उसकी औलाद इस दुनियाँ को अलविदा कह देती है तो उस माँ का कलेजा आह से फट जाता हैं क्यूँ न फटेगा जिसने 9माह तक हर परेशानी को बर्दाश्त करके तुम्हें पेट मे तकलीफ़ न होंने दी और तुमने क्या सिला दिया शराब पी जुआ खेला अय्याशी की ज़िना किया और हुक़्म ए ख़ुदा हुआ तो उसी शराब के नशे मे हादसे का शिकार हो गयें, जाग जाओ अपने किरदार को समझो अपने वालदैन की मुहब्बत को पहचानों अपने लिए न सही अपने वालदैन के लिए शराब जुआ ज़िना हराम कामों से बाज़ आ जाओ रहतीं दुनियाँ भी क़ामयाबी हासिल होंगी बाद मरने के भी क़ामयाब हो जाओगे फिरसे कहता हूँ दुनियाँ मे रहकर जान बचाना बढ़ा काम नहीं बल्की दुनियाँ मे रहकर ईमान बचाना बढ़ी बात है लौट आओ अपने रब की तरफ़ सारे रास्ते बंद हो जाते है लेकिन रब के हुज़ूर तौबा का दरवाज़ा हमेशा खुला रहता है ।*

*👉 अल्लाह तआला हम सब सुन्नी मुसलमानों को सिराते मुसतक़ीम पर चलने की तौफीक़ अता फरमाए- आमीन या रब्बुल आलमीन* 



👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Kya Islami Saal Alag Aur Esai Saal Alag Hai*

new year

new year